By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindustan ExpressHindustan Express
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: क्लाइमेट चेंज के दौर में परमाणु ऊर्जा का जाप…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Hindustan ExpressHindustan Express
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Hindustan Express > Blog > विदेश > क्लाइमेट चेंज के दौर में परमाणु ऊर्जा का जाप…
विदेश

क्लाइमेट चेंज के दौर में परमाणु ऊर्जा का जाप…

Last updated: 2024/03/22 at 10:07 AM
Share
4 Min Read
क्लाइमेट चेंज के दौर में परमाणु ऊर्जा का जाप…
SHARE

फुकुशिमा हादसे के बाद कई देश परमाणु बिजलीघरों को बढ़ावा देने को बेवकूफी मान रहे थे।

लेकिन एक बार फिर से न्यूक्लियर एनर्जी को सबसे साफ और भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है.बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में तीस देशों के नेता और प्रतिनिधि मिल रहे हैं।

मकसद है, परमाणु ऊर्जा पर समर्थन जुटाना। न्यूक्लियर एनर्जी के समर्थक दावा कर रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए इस तकनीक का भरपूर उपयोग करना जरूरी हो चुका है।

साल 2011 में जापान के फुकुशिमा दाइची परमाणु बिजलीघर में हुई तबाही के बाद कुछ देशों ने परमाणु ऊर्जा को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था। लेकिन फरवरी 2022 में शुरू हुए यूक्रेन युद्ध ने इस फैसले को डगमगा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) प्रमुख रफाएल ग्रोसी कहते हैं, “हमें परमाणु ऊर्जा की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे” यूक्रेन युद्ध से पहले यूरोप के ज्यादातर देश, तेल और गैस की सप्लाई के लिए रूस पर निर्भर थे।

रूस से बड़ी मात्रा में ईंधन आयात करने के कारण यूरोपीय देशों ने मॉस्को को आर्थिक रूप से मजबूत किया। रूस ने इस मुनाफे के कारण अपनी सैन्य शक्ति कई गुना बढ़ा ली और फिर यूक्रेन पर हमला कर दिया।

बीते दो साल से यूरोप के देश इस निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे आर्थिक और सामरिक रूप से स्वतंत्र रहें।

जलवायु लक्ष्य और स्वच्छ ऊर्जा आईएईए के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बिरोल का तर्क है कि “हमारे पास परमाणु ऊर्जा के बिना, समय से जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने का मौका नहीं है।

अक्षय ऊर्जा स्रोत खासकर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा बिजली मुहैया कराने में बड़ी भूमिका निभाएंगे, लेकिन हमें परमाणु ऊर्जा भी चाहिए, खासकर उन देशों में, जहां अक्षय ऊर्जा के लिए बहुत ज्यादा संभावनाएं नहीं हैं” क्या भारत में निजी कंपनियां भी करेंगी परमाणु ऊर्जा में निवेश फिलहाल पूरी दुनिया में परमाणु रिएक्टरों से बनने वाली बिजली की मात्रा करीब 10 फीसदी है।

यूरोप में फ्रांस सबसे ज्यादा परमाणु ऊर्जा पैदा करने वाला देश है।

वहां कुल बिजली उत्पादन में न्यूलियर एनर्जी की हिस्सेदारी दो तिहाई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने ब्रसेल्स में कहा, “हमें सीओटू उत्सर्जन के बारे में ज्यादा चिंतित होना चाहिए क्योंकि इसका आपकी और मेरी सेहत पर हर रोज सीधा असर पड़ रहा है” माक्रों के मुताबिक, “कोयले व गैस से छुटकारा पाना और परमाणु ऊर्जा व अक्षय ऊर्जा की तरफ बढ़ना हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए” परमाणु ऊर्जा के साथ जुड़ी चिंताएं बैठक के दौरान 1986 में यूक्रेन के चेर्नोबिल में हुए परमाणु बिजलीघर हादसे का बमुश्किल जिक्र किया गया।

बैठक जिस परमाणु संयंत्र के पास हो रही थी, उसके करीब ही पर्यावरण कार्यकर्ता न्यूक्लियर एनर्जी का विरोध भी कर रहे थे। आलोचकों के मुताबिक, परमाणु बिजलीघर बनाने में लंबा वक्त और खूब पैसा खर्च होता है।

हादसा होने पर विकिरण को रोकना मुश्किल होता है। इसके साथ ही यहां से निकलने वाला रेडियोधर्मी परमाणु कचरे का निपटारा भी हमेशा का सिरदर्द बना रहता है।

पर्यावरण संगठन 'ग्रीनपीस' की लोरेले लिमोजिन कहती हैं, “सरकारों को परमाणु ऊर्जा की परीकथा के बजाए, अक्षय ऊर्जा का विकास करने, ऊर्जा बचाने, घरों को किफायती बनाने और सार्वजनिक परिवहन पर ध्यान देना चाहिए” इस वक्त दुनिया भर में करीब 440 परमाणु बिजलीघर हैं।

सबसे ज्यादा परमाणु ऊर्जा पैदा करने वाले देशों में अमेरिका, चीन, फ्रांस और रूस शीर्ष पर हैं।

भारत 12वें नंबर पर है, 23 चालू संयंत्रों के साथ भारत के इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड में न्यूक्लियर एनर्जी की हिस्सेदारी 3.1 फीसदी है. ओएसजे/आरपी (एपी, एएफपी)।

You Might Also Like

सर्वाइवर ने खोला एप्स्टीन की काली दुनिया का पर्दा: ‘हर दिन 10 लड़कियां आती थीं’

पाकिस्तान के खैबर प्रांत में सैन्य काफिले पर आत्मघाती हमला, 13 सैनिकों की मौत, 29 घायल

टैरिफ पर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, स्मार्टफोन और लैपटॉप को टैरिफ से दी छूट

ट्रंप की धमकी से पनामा सेहमा, चीन की BRI परियोजना को आगे न बढ़ाने का किया ऐलान

US Plane Crash: शवों की संख्या बढ़ी, राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारी

March 22, 2024 March 22, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article अरविंद केजरीवाल के परिवार से मिलेंगे राहुल गांधी, ED केस में कानूनी मदद करेगी कांग्रेस… अरविंद केजरीवाल के परिवार से मिलेंगे राहुल गांधी, ED केस में कानूनी मदद करेगी कांग्रेस…
Next Article कौन है मोनिका? जिसने कांग्रेस को दिया 5 लाख रुपये का चंदा, चुनावी बॉन्ड से पेमेंट… कौन है मोनिका? जिसने कांग्रेस को दिया 5 लाख रुपये का चंदा, चुनावी बॉन्ड से पेमेंट…
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
मध्यप्रदेश राज्य
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
छत्तीसगढ़ राज्य
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
छत्तीसगढ़ राज्य
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी प्रकार के विवादों का न्याय क्षेत्र- धौलपुर, जिला- धौलपुर (राजस्थान) होगा।
संपादक - Gaurav Shukla
मोबाइल - 9166652528
ईमेल - contact@hindustanexpress.live

प्रबंध संपादक - Mukesh Rana
मोबाइल - 7239927927

कार्यालय - Dholpur, Rajasthan - 328001
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?