By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindustan ExpressHindustan Express
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: सियाचिन के पास PoK में सड़क बना रहा चीन, सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा; पास में तैनात भारतीय सेना…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Hindustan ExpressHindustan Express
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Hindustan Express > Blog > देश > सियाचिन के पास PoK में सड़क बना रहा चीन, सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा; पास में तैनात भारतीय सेना…
देश

सियाचिन के पास PoK में सड़क बना रहा चीन, सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा; पास में तैनात भारतीय सेना…

Last updated: 2024/04/26 at 10:11 AM
Share
4 Min Read
सियाचिन के पास PoK में सड़क बना रहा चीन, सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा; पास में तैनात भारतीय सेना…
SHARE

चीन के खतरनाक मंसूबों का एक बार फिर से खुलासा हुआ है।

ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा है कि चीन भारत को घेरने के लिए दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र के करीब पक्की सड़क बना रहा है।

दरअसल चीन सियाचिन कॉरिडोर के करीब अवैध रूप से कब्जे वाले कश्मीर में कंक्रीट सड़क का निर्माण कर रहा है। ये खुलासा नई सैटेलाइट तस्वीरों में हुआ है।

चीन ये रोड शक्सगाम घाटी में बना रहा है। बता दें कि शक्सगाम घाटी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का एक हिस्सा थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसे 1963 में चीन को सौंप दिया गया था।

चीन जो सड़क बना रहा है वह उसके झिंजियांग प्रांत के हाईवे नंबर G219 से निकलती है और अंदर पहाड़ों में जाकर खत्म हो जाती है। 

50 किलोमीटर दूर सियाचिन ग्लेशियर

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क जहां पर खत्म होती प्रतीत हो रही है वहां से 50 किलोमीटर दूर सियाचिन ग्लेशियर में इंदिरा कोल स्थित है।

यह वह इलाका है जहां भारतीय सेना पेट्रोलिंग करती है। मार्च के बाद से रक्षा मंत्री राजनाथ ने यहां का दो बार दौरा किया है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा ली गईं सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि सड़क का मार्ग पिछले साल जून और अगस्त के बीच बनाया गया था।

कारगिल, सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कोर की है। इसी के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राकेश शर्मा ने बताया, “यह सड़क पूरी तरह से अवैध है और भारत को चीन के साथ अपना राजनयिक विरोध दर्ज कराना चाहिए।”

इस सड़क के निर्माण को सबसे पहले भारत-तिब्बत सीमा के एक ‘पर्यवेक्षक’ ने खुलासा किया था। यह ‘पर्यवेक्षक’ एक्स (ट्विटर) पर खुद को ‘नेचर देसाई’ कहता है। देखें ट्वीट-

#Exclusive

Thread:

In a significant development, 🇨🇳 road has breached the border at Aghil Pass (4805 m) and entered the lower Shaksgam valley of Kashmir, 🇮🇳 with the road-head now less than 30 miles from 🇮🇳 Siachen

This permanently answers the question of Shaksgam for 🇮🇳

1/4 pic.twitter.com/TyjMcUqz2S

— Nature Desai (@NatureDesai) April 21, 2024

यूरेनियम को ले जाने के लिए….?

रिपोर्ट के मुताबिक, कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि शक्सगाम घाटी में चीनी सड़कें मुख्य रूप से खनिजों जैसे कि यूरेनियम को ले जाने के लिए हो सकती हैं।

ऐसा कहा जाता है कि कथित तौर पर गिलगित बाल्टिस्तान से झिंजियांग तक यूरेनियम का खनन किया जाता है। भारत के लिए चिंता की बात ये है कि सड़क ट्रांस-काराकोरम ट्रैक्ट में स्थित है।

यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से कश्मीर का हिस्सा है और भारत इसे हमेशा से अपना क्षेत्र मानता आया है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा प्रकाशित ताजा आधिकारिक मानचित्र में इस क्षेत्र को भारतीय क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। 

लगभग 5,300 वर्ग किलोमीटर में फैले इस मार्ग पर 1947 के युद्ध में पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद 1963 में एक द्विपक्षीय सीमा समझौते के तहत पाकिस्तान ने इस क्षेत्र को चीन को सौंप दिया था। हालांकि भारत ने इसे कभी मान्यता नहीं दी।

भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कब्जे वाले कश्मीर के इस हिस्से में यथास्थिति में कोई भी बदलाव भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है।

ऐसी चिंताएं हैं कि बुनियादी ढांचा परियोजनाएं इस पर्वतीय क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य को खतरे में डाल सकती हैं।

You Might Also Like

हिमालय की गोद से प्राप्त शुद्ध जल से निर्मित टेंसबर्ग, दिल्ली के बीयर बाजार में गुणवत्ता की नई क्रांति…

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आरोप: AAP ने दिल्ली की जनता को धोखा दिया

ट्रंप ने मेक्सिको, कनाडा और चीन पर लगाया टैरिफ, भारत पर असर की संभावना पर वित्त मंत्री ने दिया बयान

केंद्र सरकार ने जेंडर बजट में 37.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, 4.49 लाख करोड़ रुपये का हुआ आवंटन

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- अवैध प्रवासियों को नहीं झेल सकता देश, युवाओं से की बड़ी अपील

April 26, 2024 April 26, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article अमेरिका ने भारत की तीन कंपनियों पर लगाई पाबंदी, ईरान के साथ डील करने पर ऐक्शन… अमेरिका ने भारत की तीन कंपनियों पर लगाई पाबंदी, ईरान के साथ डील करने पर ऐक्शन…
Next Article 15 दिन में 40 प्रदर्शन, उम्मीदवारों को गांवों में जाने से रोका; पंजाब में किसानों से कैसे पार पाएगी बीजेपी… 15 दिन में 40 प्रदर्शन, उम्मीदवारों को गांवों में जाने से रोका; पंजाब में किसानों से कैसे पार पाएगी बीजेपी…
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
मध्यप्रदेश राज्य
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
छत्तीसगढ़ राज्य
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
छत्तीसगढ़ राज्य
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी प्रकार के विवादों का न्याय क्षेत्र- धौलपुर, जिला- धौलपुर (राजस्थान) होगा।
संपादक - Gaurav Shukla
मोबाइल - 9166652528
ईमेल - contact@hindustanexpress.live

प्रबंध संपादक - Mukesh Rana
मोबाइल - 7239927927

कार्यालय - Dholpur, Rajasthan - 328001
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?