By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindustan ExpressHindustan Express
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग: 18 भाषाओं में पढ़ाई और हर जिले में IIT जैसा प्रौद्योगिकी संस्थान
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Hindustan ExpressHindustan Express
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Hindustan Express > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग: 18 भाषाओं में पढ़ाई और हर जिले में IIT जैसा प्रौद्योगिकी संस्थान
छत्तीसगढ़राज्य

छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग: 18 भाषाओं में पढ़ाई और हर जिले में IIT जैसा प्रौद्योगिकी संस्थान

Last updated: 2024/08/17 at 11:05 AM
Share
4 Min Read
छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग: 18 भाषाओं में पढ़ाई और हर जिले में IIT जैसा प्रौद्योगिकी संस्थान
SHARE

प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में अब 18 स्थानीय बोली-भाषा में पढ़ाई होगी। इससे आदिवासी अंचलों के विद्यार्थी स्थानीय बोली-भाषा में बेहतर सीख सकेंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह फैसला लिया है। सीएम के निर्देश के बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने लेखन कार्य शुरू कर दिया है। पहले चरण में छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादड़ी, गोंडी और कुडुख में किताब लेखन किया जाएगा।

स्थानीय-बोली भाषा में पढ़ाई होगी

प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू हो चुकी है। इस नीति के अनुसार विद्यार्थियों को स्थानीय-बोली भाषा में पढ़ाई करानी है। एससीईआरटी के संचालक राजेंद्र कटारा ने बताया कि किताबों का लेखन शुरू कर दिया गया है। उच्च शिक्षा में भी पाठ्यक्रम का बदलाव किया जा रहा है। आइआइटी की तर्ज पर प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इसके लिए पहले चरण में रायपुर, रायगढ़, बस्तर, कबीरधाम और जशपुर में इनकी स्थापना की जाएगी।

राज्य में कई बोली-भाषा, इनमें चुनिंदा पर हो रहा काम

एक सर्वे के मुताबिक प्रदेश में 93 बोली-भाषाएं हैं। इनमें चुनिंदा 18 बोली-भाषा पर काम हो रहा है। इसके लिए स्थानीय बोली-भाषा विशेषज्ञों की मदद से किताबों का लेखन कार्य चल रहा है। राज्य निर्माण के बाद तत्कालीन सरकार ने 2007 में छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ी भाषा को समृद्ध और विकसित करने के लिए 2008 में छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का गठन किया था। इसके पहले सचिव पद्मश्री सुरेंद्र दुबे थे, जिनके कार्यकाल में अनेक साहित्यकारों की करीब 1,200 पुस्तकें छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रकाशित हुई हैं।

छत्तीसगढ़ी बोली- भाषा का व्याकरण हीरालाल काव्योपाध्याय ने तैयार किया था, जो हिंदी के व्याकरण से भी पुराना माना जाता है। इसके अलावा बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में एक शिलालेख है, जो छत्तीसगढ़ी भाषा में है। इसे 1700 ईस्वी का बताया जाता है। छत्तीसगढ़ अपनी बोली-भाषा की विविधता से समृद्ध है। हमारे यहां कहावत प्रचलित है कि 'कोस-कोस मा पानी बदलय, चार कोस मा बानी'।

पीएमश्री स्कूल योजना से संवारेंगे स्कूल

स्कूलों की अधोसंरचना को बेहतर करने और यहां शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने प्रथम चरण में प्रदेश के 211 स्कूलों में पीएमश्री योजना आरंभ की है। इन स्कूलों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में 52 स्कूलों की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिली है। स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे विषय भी पढ़ाए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए न्योता भोज का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों पर स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने समाज की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन का गठन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को उच्च शिक्षा में भी अपनाया गया है। इसके चलते उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम को भी रोजगारमूलक बनाया जा रहा है। राज्य में उच्च शिक्षा मिशन का गठन किया गया है।

मेडिकल शिक्षा का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को मजबूत करने मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार जरूरी है। हमने संभाग स्तर पर एम्स की तर्ज पर छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (सिम्स) आरंभ करने का निर्णय लिया है। रायपुर में आंबेडकर अस्पताल तथा बिलासपुर में सिम्स के भवन विस्तार व अन्य सुविधाओं पर काम प्रारंभ कर दिया है।

You Might Also Like

प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण

जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं

कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन

छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज

CM मोहन यादव का बयान: Union Budget दूरदर्शी, रेलवे में क्रांति की उम्मीद

August 17, 2024 August 17, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article ईओडब्ल्यू की कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन घोटाले से जुड़े चार राज्यों में छापे ईओडब्ल्यू की कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन घोटाले से जुड़े चार राज्यों में छापे
Next Article 2024 में ‘स्त्री 2’ सहित इन हॉरर फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जमाया कब्ज़ा 2024 में ‘स्त्री 2’ सहित इन हॉरर फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जमाया कब्ज़ा
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
मध्यप्रदेश राज्य
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
छत्तीसगढ़ राज्य
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
छत्तीसगढ़ राज्य
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी प्रकार के विवादों का न्याय क्षेत्र- धौलपुर, जिला- धौलपुर (राजस्थान) होगा।
संपादक - Gaurav Shukla
मोबाइल - 9166652528
ईमेल - contact@hindustanexpress.live

प्रबंध संपादक - Mukesh Rana
मोबाइल - 7239927927

कार्यालय - Dholpur, Rajasthan - 328001
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?