By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindustan ExpressHindustan Express
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Hindustan ExpressHindustan Express
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Hindustan Express > Blog > विदेश > सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा…
विदेश

सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा…

Last updated: 2024/06/15 at 11:01 AM
Share
5 Min Read
सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा…
SHARE

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली पहुंचे हैं।

वहां उनका स्वागत इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने किया। तीसरे कार्यकाल का कार्यभार संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला विदेश दौरा है।

उल्लेखनीय है कि भारत-इटली का पुराना नाता रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने बेनिटो मुसोलिनी के फासीवादी शासन और नाजी जर्मनी से इटली को आजाद कराने के लिए मित्र देशों की सेनाओं के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 50,000 से अधिक भारतीय सैनिकों ने इटली में लड़ाई लड़ी थी।

इटली के युद्ध क्षेत्र में सैनिकों को दिए जाने वाले 20 विक्टोरिया क्रॉस में से छह भारतीय थे। बता दें कि विक्टोरिया क्रॉस ब्रिटेन का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।

अंग्रेजों ने भारतीय सेना में युवा पुरुषों को भर्ती किया ताकि वे युद्धक्षेत्रों में वीरता पूर्वक लड़ सकें।

भारतीय सेना में जवानों में कमल राम भी शामिल रहे, जो उस समय 18 वर्ष के रहे होंगे। वह स्वेच्छा से ब्रिटिश भारतीय सेना की 8वीं पंजाब रेजिमेंट में शामिल हो गए।

विश्व युद्ध के दौरान इटली को आजाद कराने के लिए 4, 8 और 10वीं इन्फैंट्री डिवीजनों को तैनात किया गया था। कमल राम की रेजिमेंट 8वीं इन्फैंट्री डिवीजन का हिस्सा थी। 

युवाओं से भरी थी 8वीं इन्फैंट्री डिवीजन
इस दौरान जर्मन ने कई किलेबंदी की थी जो पश्चिम में टायरहेनियन सागर से लेकर पूर्व में एड्रियाटिक सागर तक फैली हुई थी। 8वीं इन्फैंट्री डिवीजन सितंबर 1943 में सीरिया के रास्ते इटली पहुंची।

8वीं इन्फैंट्री डिवीजन, सैनिकों का ऐसा दल का जो हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदायों के युवाओं से भरा था। इसमें भारतीय स्वेच्छा से लड़ने के लिए आगे आए, उस दौरान युवा सैनिक सिर्फ 18 और कुछ तो 16 साल के थे।

बहादुरी से लड़े थे सिपाही कमल राम
12 मई, 1944 को 8वीं पंजाब रेजिमेंट ने गुस्ताव लाइन पर हमला किया। गारी नदी पार करने के तुरंत बाद उनकी कंपनी को सामने और किनारों पर चार जर्मन मशीन गन पोजिशन ने घेर लिया।

पुलहेड की रक्षा के लिए पोस्ट को सुरक्षित करना बहुत जरूरी था। कंपनी कमांडर ने दुश्मन को दाईं ओर से पीछे धकेलकर पोस्ट को सुरक्षित करने के लिए सैनिकों से कहा।

इसके बाद सिपाही कमल राम कंटीली तारों को चीरते हुआ आगे बढ़े और दुश्मन के ठिकाने पर हमला कर दिया। उन्होंने एक जर्मन सैनिक को मार गिराया और मशीन गन को शांत कर दिया।

जब एक अन्य जर्मन ने उसकी बंदूक छीनने की कोशिश की, तो कमल राम ने राइफल बट से उसे मार गिराया। तभी सिपाही कमल राम पर गोलियों से हमला हुआ।

कमल राम गोलियों से बचते हुए दूसरी मशीन गन पोजीशन की ओर चले गए। उन्होंने ग्रेनेड फेंके और दुश्मन की तोपों को खामोश कर दिया और शेष दुश्मन ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह एक कंपनी हवलदार की सहायता के लिए आगे बढ़े, जो तीसरी मशीन गन को शांत करने के लिए हमला कर रहा था। उन्होंने अकेले ही दो मशीन गन पोजीशन पर नियंत्रण कर लिया और तीसरी पर कब्जा करने में मदद की।

अंग्रेजों ने दिया सबसे बड़ा बहादुरी सम्मान
बाद में जब एक प्लाटून आगे बढ़ी तो एक घर में छिपे जर्मनों ने आगे बढ़ते सैनिकों पर गोलीबारी की। जिसके बाद सिपाही कमल राम घर की ओर भागे।

उन्होंने एक जर्मन को मार गिराया और दो अन्य को पकड़ लिया।

उनकी सेवा के लिए, किंग जॉर्ज VI ने 27 मई, 1944 को इटली में सिपाही कमल राम की छाती पर सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विक्टोरिया क्रॉस लगाया। वह विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित होने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के भारतीय थे। 

The post सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा… appeared first on .

You Might Also Like

सर्वाइवर ने खोला एप्स्टीन की काली दुनिया का पर्दा: ‘हर दिन 10 लड़कियां आती थीं’

पाकिस्तान के खैबर प्रांत में सैन्य काफिले पर आत्मघाती हमला, 13 सैनिकों की मौत, 29 घायल

टैरिफ पर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, स्मार्टफोन और लैपटॉप को टैरिफ से दी छूट

ट्रंप की धमकी से पनामा सेहमा, चीन की BRI परियोजना को आगे न बढ़ाने का किया ऐलान

US Plane Crash: शवों की संख्या बढ़ी, राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारी

June 15, 2024 June 15, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article राम सबके हैं, यह देश भी सभी का है; RSS नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर बोले रामदेव… राम सबके हैं, यह देश भी सभी का है; RSS नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर बोले रामदेव…
Next Article ‘वैश्विक तनाव का खामियाजा भुगतते हैं दक्षिणी देश’, जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी; तकनीक से विश्व को सफल बनाने का दिया मंत्र… ‘वैश्विक तनाव का खामियाजा भुगतते हैं दक्षिणी देश’, जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी; तकनीक से विश्व को सफल बनाने का दिया मंत्र…
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
मध्यप्रदेश राज्य
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
छत्तीसगढ़ राज्य
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
छत्तीसगढ़ राज्य
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी प्रकार के विवादों का न्याय क्षेत्र- धौलपुर, जिला- धौलपुर (राजस्थान) होगा।
संपादक - Gaurav Shukla
मोबाइल - 9166652528
ईमेल - contact@hindustanexpress.live

प्रबंध संपादक - Mukesh Rana
मोबाइल - 7239927927

कार्यालय - Dholpur, Rajasthan - 328001
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?