By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindustan ExpressHindustan Express
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: JDU में टूट, हार या अपमान का दंश; 17 महीने में नीतीश के दूसरी बार पलटी मारने की पांच बड़ी मजबूरी क्या?..
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Hindustan ExpressHindustan Express
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Hindustan Express > Blog > देश > JDU में टूट, हार या अपमान का दंश; 17 महीने में नीतीश के दूसरी बार पलटी मारने की पांच बड़ी मजबूरी क्या?..
देश

JDU में टूट, हार या अपमान का दंश; 17 महीने में नीतीश के दूसरी बार पलटी मारने की पांच बड़ी मजबूरी क्या?..

Last updated: 2024/01/27 at 11:57 AM
Share
6 Min Read
JDU में टूट, हार या अपमान का दंश; 17 महीने में नीतीश के दूसरी बार पलटी मारने की पांच बड़ी मजबूरी क्या?..
SHARE

बिहार में इन दिनों दो पछुआ हवाओं का जोर है। कुदरती पछुआ हवाओं ने जहां लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर रखा है, वहीं दूसरी सियासी पछुआ (दिल्ली से पहुंची सियासी खबर) हवाओं ने राजधानी पटना समेत राज्यभर में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर चल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी भी पलटी मारने का ऐलान कर सकते हैं। इससे तीनों खेमों (राजद-जेडीयू-बीजेपी) में बेचैनी, अटकलों और अफवाहों का बाजार गर्म है।

नीतीश अगर राजद-कांग्रेस और वाम दलों का साथ छोड़कर फिर से बीजेपी संग सरकार बनाते हैं तो 17 महीने के अंदर उनका यह दूसरा यू-टर्न होगा।

इससे पहले अगस्त 2022 में उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़कर पुराने समाजवादी साथी और कथित बड़े भाई लालू यादव संग मिलकर सरकार बनाई थी।

उस गठबंधन सरकार में जेडीयू-राजद के अलावा कांग्रेस और वाम दल भी साथ थे। उसे महागठबंधन नाम दिया गया था। तब नीतीश ने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनकी पार्टी को तोड़ना और खत्म करना चाह रही थी।

जनवरी 2014 तक आते-आते नीतीश एक बार फिर से उसी मोड़ पर पहुंच गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नीतीश की क्या मजबूरियां रहीं कि वो 17 महीने में ही यू-टर्न लेने को विवश दिख रहे हैं?

BJP के संपर्क में थे सात सांसद
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जेडीयू के सात सीटिंग सांसद बीजेपी के संपर्क में थे। फिलहाल लोकसभा में जेडीयू के 16 सांसद हैं।

इनमें से सात वैसे सांसद थे जिनकी जीत एनडीए की सामाजिक समीकरण से हुई थी लेकिन इंडिया अलायंस के तहत बने समीकरण में उनके जीतने की संभावना क्षीण हो रही थी। इसलिए ये  सात सांसद जेडीयू छोड़कर बीजेपी का दामन थामने की तैयारी कर रहे थे।

ललन सिंह को छोड़कर बाकी बीजेपी के समर्थक
जेडीयू के 16 सांसदों में अधिकांश फिर से बीजेपी के साथ जाने के पक्षधर थे। इनमें से सिर्फ ललन सिंह ही बीजेपी संग दोस्ती का विरोध कर रहे थे। नीतीश को संभवत: यह अहसास हो चुका था कि अगर वो राजद के साथ बने रहते हैं तो उनकी पार्टी टूट सकती है।

इसी टूट की आशंका के चलते उन्होंने दिसंबर के अंतिम दिनों में ललन सिंह को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाकर खुद पार्टी की कमान संभाली थी। उस वक्त भी अटकलें लगाई गई थीं कि ललन सिंह लालू परिवार के नजदीक हो रहे हैं और वह राजद के पक्ष में कुछ विधायकों को तोड़ सकते हैं।

इंडिया अलायंस में उपेक्षा
पिछले साल नीतीश की कोशिशों के बाद 28 विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया अलायंस अस्तित्व में आया था।

नीतीश को उम्मीद थी कि उस महागठबंधन में उन्हें या तो अध्यक्ष बनाया जाएगा या फिर संयोजक बनाया जाएगा लेकिन जब उनके नाम पर ममता बनर्जी ने अड़ंगा लगाया और पिछले दिनों वर्चुअल मीटिंग में जब राहुल ने संयोजक बनाने के सीताराम येचुरी के प्रस्ताव पर ममता बनर्जी से क्लियरेंस लेने की बात कही तो नीतीश को यह बात चुभ गई।

उन्होंने इसे ना सिर्फ अपनी उपेक्षा बल्कि अपमान के तौर पर लिया। इसके बाद से ही उन्होंने तेजी से अपने सूत्रों को बीजेपी से डील करने की छूट दी। 

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद की परिस्थितियां
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और राम लला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में बहती हिन्दुत्व की लहर को नीतीश कुमार ने भांप लिया। उन्हें अहसास हुआ कि इंडिया अलायंस की वजह से बने सामाजिक समीकरण में जीत की गारंटी नहीं है।

इसके अलावा कांग्रेस उनका अपमान कर रही है, राजद के साथ सीट बंटवारों पर दिक्कत आ रही है और उनके सांसदों के टूटने का भी खतरा है, इसलिए मोदी की लोकप्रियता और उनकी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ और जीत के फॉर्मूले का हिस्सा बनकर सत्ता बरकरार रखी जाय।

कांग्रेस पर उंगली
बड़ी बात यह है कि 2017 में जब नीतीश कुमार ने पहली बार राजद के साथ गठबंधन तोड़कर बीजेपी संग मिलकर सरकार बनाई थी, तब राजद को दोषी ठहराया था लेकिन इस बार नीतीश कांग्रेस के सिर इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं। राहुल ना सिर्फ संयोजक के मुद्दे पर नीतीश की आंखों की किरकिरी बने बल्कि इंडिया अलायंस में सीट बंटवारे को छोड़कर वह भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर चले गए।

दूसरी तरफ, नीतीश ने कर्पूरी ठाकुर जयंती के बहाने राजद में परिवारवाद पर भी निशाना साधा है।

You Might Also Like

हिमालय की गोद से प्राप्त शुद्ध जल से निर्मित टेंसबर्ग, दिल्ली के बीयर बाजार में गुणवत्ता की नई क्रांति…

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आरोप: AAP ने दिल्ली की जनता को धोखा दिया

ट्रंप ने मेक्सिको, कनाडा और चीन पर लगाया टैरिफ, भारत पर असर की संभावना पर वित्त मंत्री ने दिया बयान

केंद्र सरकार ने जेंडर बजट में 37.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, 4.49 लाख करोड़ रुपये का हुआ आवंटन

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- अवैध प्रवासियों को नहीं झेल सकता देश, युवाओं से की बड़ी अपील

January 27, 2024 January 27, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article रायपुर : विभिन्न विभागों ने प्रस्तुत की योजनाओं पर आधारित झांकियां : ग्रामोद्योग विभाग को मिला पहला पुरस्कार… रायपुर : विभिन्न विभागों ने प्रस्तुत की योजनाओं पर आधारित झांकियां : ग्रामोद्योग विभाग को मिला पहला पुरस्कार…
Next Article रायपुर : राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 75 वां गणतंत्र दिवस… रायपुर : राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 75 वां गणतंत्र दिवस…
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
प्रस्तावित राज्यपाल दौरे से पहले प्रशासन सतर्क, कलेक्टर जयति सिंह ने नागलवाड़ी में किया निरीक्षण
मध्यप्रदेश राज्य
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
जनदर्शन में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने एक-एक कर सुनी समस्याएं
छत्तीसगढ़ राज्य
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन
छत्तीसगढ़ राज्य
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ में ठंड से बनी रहेगी राहत, लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी प्रकार के विवादों का न्याय क्षेत्र- धौलपुर, जिला- धौलपुर (राजस्थान) होगा।
संपादक - Gaurav Shukla
मोबाइल - 9166652528
ईमेल - contact@hindustanexpress.live

प्रबंध संपादक - Mukesh Rana
मोबाइल - 7239927927

कार्यालय - Dholpur, Rajasthan - 328001
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?